कहानियां, दीर्घ कथायें

दरारों में ठहरी स्त्री

प्रेम—यह शब्द हमारे बीच कभी नहीं आया। इसे कहना ऐसा होता जैसे किसी बहुत नाजुक काँच पर हथौड़ा मार देना। […]