गार्गी से गीब्रा तक-स्त्री-ऋषिकायें और ए.आई.-एथिक्स
October 5, 2026 · 7 मिनटजब प्रश्न ही ब्रह्म था, और आज भी है जबलपुर में नर्मदा के किनारे एक छोटे-से कोचिंग सेंटर में, शाम की उस घड़ी जब सूरज घाटों…
पूरा पढ़ें →जब प्रश्न ही ब्रह्म था, और आज भी है जबलपुर में नर्मदा के किनारे एक छोटे-से कोचिंग सेंटर में, शाम की उस घड़ी जब सूरज घाटों…
पूरा पढ़ें →सितंबर का महीना उत्तर भारत के लिए एक अदृश्य उलटी गिनती लेकर आता है। पंजाब और हरियाणा के खेतों में धान की बालियां अभी हरी हैं,…
पूरा पढ़ें →2 अक्टूबर केवल गांधी का जन्मदिन नहीं, यह उस प्रश्न का दिन भी है कि गांधी आज होते तो हमें क्या कहते। हर वर्ष 2 अक्टूबर…
पूरा पढ़ें →रुपये की गिरावट की खबर अब अख़बार के पहले पन्ने से खिसककर बिज़नेस पेज के किसी कोने में पहुँच गई है। 94, फिर 95, फिर…
पूरा पढ़ें →दिल्ली की मतदाता सूची पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई हो गई। मामला 21 सितंबर को सूचीबद्ध था, बहस 22 को हुई, और फैसला अभी नहीं आया।…
पूरा पढ़ें →आठ करोड़ सत्तर लाख। यह अकेला एक आंकड़ा है, पर इसके भीतर एक पूरी पीढ़ी की बेचैनी छिपी है। नीति आयोग की एक ताज़ा रिपोर्ट कहती…
पूरा पढ़ें →आज से ठीक एक साल पहले, 21 सितंबर 2025 को, अमेरिका ने एक ऐसा फैसला सुनाया था जिसकी गूंज बेंगलुरु के पीजी कमरों से लेकर हैदराबाद…
पूरा पढ़ें →गाँव का नाम था देवपुर—नदी के किनारे बसा, पीपल और नीम की छाया में साँस लेता हुआ एक साधारण-सा गाँव। देवपुर में एक पुराना मंदिर था,…
पूरा पढ़ें →मुंबई के पवई इलाके में आईआईटी बॉम्बे का कैंपस देश के सबसे चमकदार सपनों का पता माना जाता है। बारहवीं की परीक्षा देने वाले लाखों बच्चे…
पूरा पढ़ें →अनुकरण की संस्कृति गढ़ने की ढाई हज़ार साल पुरानी भारतीय तरकीब एक लड़का जंगल में मिट्टी की एक मूर्ति बनाता है। सामने कोई गुरु नहीं होता,…
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