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गार्गी से गीब्रा तक-स्त्री-ऋषिकायें और ए.आई.-एथिक्स

 जब प्रश्न ही ब्रह्म था, और आज भी है जबलपुर में नर्मदा के किनारे एक छोटे-से कोचिंग सेंटर में, शाम की उस घड़ी जब सूरज घाटों…

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पराली प्रबंधन की असली परीक्षा अभी बाकी है

सितंबर का महीना उत्तर भारत के लिए एक अदृश्य उलटी गिनती लेकर आता है। पंजाब और हरियाणा के खेतों में धान की बालियां अभी हरी हैं,…

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मतदाता सूची से मिटता नाम, आयोग के भीतर उठती आवाज़

दिल्ली की मतदाता सूची पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई हो गई। मामला 21 सितंबर को सूचीबद्ध था, बहस 22 को हुई, और फैसला अभी नहीं आया।…

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हुनर का सूखा: भारत की सबसे बड़ी ताकत किसके हाथ से फिसल रही है?

आठ करोड़ सत्तर लाख। यह अकेला एक आंकड़ा है, पर इसके भीतर एक पूरी पीढ़ी की बेचैनी छिपी है। नीति आयोग की एक ताज़ा रिपोर्ट कहती…

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आईआईटी की तीसरी मौत: मेरिट के दुर्ग में जाति की सेंध

मुंबई के पवई इलाके में आईआईटी बॉम्बे का कैंपस देश के सबसे चमकदार सपनों का पता माना जाता है। बारहवीं की परीक्षा देने वाले लाखों बच्चे…

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अनुकरण की संस्कृति : अतीत से वर्तमान की यात्रा

अनुकरण की संस्कृति गढ़ने की ढाई हज़ार साल पुरानी भारतीय तरकीब एक लड़का जंगल में मिट्टी की एक मूर्ति बनाता है। सामने कोई गुरु नहीं होता,…

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