हिंदी छोड़ने से पहले ज़रा यह हिसाब तो लगा लो
September 14, 2026 · 5 मिनटचौदह सितंबर आते ही देश भर के स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में वही तस्वीर दोहराई जाती है – दीवार पर “मातृभाषा का सम्मान करें” के पोस्टर,…
पूरा पढ़ें →चौदह सितंबर आते ही देश भर के स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में वही तस्वीर दोहराई जाती है – दीवार पर “मातृभाषा का सम्मान करें” के पोस्टर,…
पूरा पढ़ें →जन्माष्टमी की रात घरों और मंदिरों में झूला सजता है, माखन-मिश्री का भोग चढ़ता है, शंख बजते हैं, पर इसी उत्सव के ठीक बगल में, अगर…
पूरा पढ़ें →पांच सितंबर की सुबह प्रिंसिपल साहब खुद स्टाफ रूम में मिठाई बांटने आए, वही प्रिंसिपल जो बाकी तीन सौ चौंसठ दिन शाला के अतिथि शिक्षकों को…
पूरा पढ़ें →एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद पर अपने अगले कार्यकाल की पेशकश न करने का निर्णय लिया है। उनका वर्तमान कार्यकाल फरवरी 2027 में…
पूरा पढ़ें →पांच सितंबर की सुबह देश के हर स्कूल में एक जैसा दृश्य दोहराया जाता है, बच्चों के हाथों में फूल, गले में मालाएं, और मंच से…
पूरा पढ़ें →आठ सितंबर आता है और गुज़र जाता है, ठीक वैसे ही जैसे साल के तीन सौ चौंसठ और दिन गुज़रते हैं। बहुत कम लोगों को याद…
पूरा पढ़ें →एक वैश्विक दर्शन : जब दुनिया के महान मन अंधेरे में उतरे एक रात काफका ने अपनी डायरी में लिखा, “मेरे भीतर एक विशाल संसार है।…
पूरा पढ़ें →रात के दस बज रहे हैं। घर में सब कुछ सामान्य दिख रहा है। टीवी पर कोई कार्यक्रम चल रहा है।…
पूरा पढ़ें →एक समय था जब घर सिर्फ एक पता नहीं होता था। वह एक साँस होता था,साझा, उलझी हुई, एक,दूसरे में गुँथी हुई साँस। दादा की खाँसी,…
पूरा पढ़ें →शून्य इसे किस रुप में देखा जाये- “निरंकता” के रूप में अथवा “अनंतता” के रूप में ? आज सुबह-सुबह ही , अपने व्हाट्स-एप्प पर शून्य पर दो पोस्ट…
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