चिप का सपना और ज़मीन की सचाई
September 18, 2026 · 7 मिनटजिस देश में हज़ारों गाँवों के स्कूलों में आज भी बिजली कभी आती है कभी चली जाती है, जहाँ इंजीनियरिंग कॉलेज से निकले लाखों नौजवान हर…
पूरा पढ़ें →दर्द, प्रेम, ख़ामोशी और मानव मन की परतों को छूती रचनाएँ — जहाँ रोशनी कम होती है, पर सच ज़्यादा।
जिस देश में हज़ारों गाँवों के स्कूलों में आज भी बिजली कभी आती है कभी चली जाती है, जहाँ इंजीनियरिंग कॉलेज से निकले लाखों नौजवान हर…
पूरा पढ़ें →मेरी कविता-संग्रह ‘देह रुकी, मन बह चला’ पर नवभारत, रायपुर में नूपेंद्र अभिषेक नृप द्वारा प्रस्तुत पुस्तक समीक्षा मेरे लिए एक सुखद और आत्मीय अनुभव है।…
पूरा पढ़ें →बारह अगस्त आते ही सरकारी विज्ञापनों, भाषणों और…
पूरा पढ़ें →बारह और तेरह सितंबर को दिल्ली में कुछ ऐसा हुआ जो पिछले एक दशक की भारतीय कूटनीति में दुर्लभ था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन…
पूरा पढ़ें →दिल्ली की एक बस्ती में रहने वाला मज़दूर, जो पिछले पंद्रह बरसों से हर चुनाव में वोट डालता आया है, अचानक पाता है कि उसका नाम…
पूरा पढ़ें →बारह और तेरह सितंबर को दिल्ली में कुछ ऐसा हुआ जो पिछले एक दशक की भारतीय कूटनीति में दुर्लभ था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन…
पूरा पढ़ें →उस दिन बुखार से तप रहा था मैं, अकेला, बारिश ऐसी कि खिड़की से बाहर देखना भी मुश्किल। तभी दरवाज़े की घंटी बजी। सामने खड़ा था…
पूरा पढ़ें →एक अमीर दोस्त का सबसे बड़ा हथियार क्या होता है? यह धमकी नहीं कि वह रिश्ता तोड़ देगा, बल्कि यह याद दिलाना कि रिश्ता उसकी मर्ज़ी…
पूरा पढ़ें →महीने की पहली तारीख़ को जब सैलरी स्लिप खुलती है, तो ज़्यादातर लोग सीधे एक ही आंकड़े पर नज़र डालते हैं — “इन-हैंड” कितना आया। बाकी…
पूरा पढ़ें →15 अगस्त की सुबह जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर पर पहुँचेंगे, तो पहली आवाज़ जन गण मन की नहीं होगी। आज़ादी के अस्सी…
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