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मेरे हज़ार मुखौटे

1000 दिन, 1000 कहानियाँ — हर दिन एक नया मुखौटा

सही बंदा है यार का मुखौटा

10 में से 1 व्यक्ति ऐसा होता है—जो जहाँ भी जाता है,वहाँ ज़हर घोल देता है।समस्या यह नहीं कि वे मौजूद हैं।समस्या यह है—हम उन्हें पहचानते…

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परफेक्ट प्रेमी का मुखौटा

“अगर यह कहानी आपको चुभे…तो शायद यह आपके लिए है।” “शायद मैं ही गलत थी”—यह वाक्य सबसे ख़तरनाक है।क्योंकि यह तब बोला जाता है जब कोई…

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सामान्यता का मुखौटा, जहां दीवारें भूलती नहीं

“सामान्यता का मुखोटा-जहां दीवारें याद रखती हैं” मैं तीन महीने, पाँच दिन और सत्रह घंटे से इसी कमरे में हूँ, लेकिन कमरा शायद सैकड़ों साल से…

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अनुवाद का मुखौटा

माँ ने फोन पर पूछा, “तुम खाना खा लिए? मैंने कहा, “हाँ।” उन्होंने कहा, “अच्छा। सो जाओ फिर।” मैंने कहा, “हाँ।” और यह बातचीत ख़त्म हो गई।…

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