अतिथि शिक्षक : एक दिन सम्मान, बाकी दिन अपमान
September 11, 2026पांच सितंबर की सुबह प्रिंसिपल साहब खुद स्टाफ रूम में मिठाई बांटने आए, वही प्रिंसिपल जो बाकी तीन सौ चौंसठ दिन शाला के अतिथि शिक्षकों को…
पूरा पढ़ें →दर्द, प्रेम, ख़ामोशी और मानव मन की परतों को छूती रचनाएँ — जहाँ रोशनी कम होती है, पर सच ज़्यादा।
पांच सितंबर की सुबह प्रिंसिपल साहब खुद स्टाफ रूम में मिठाई बांटने आए, वही प्रिंसिपल जो बाकी तीन सौ चौंसठ दिन शाला के अतिथि शिक्षकों को…
पूरा पढ़ें →एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस के चेयरमैन पद पर अपने अगले कार्यकाल की पेशकश न करने का निर्णय लिया है। उनका वर्तमान कार्यकाल फरवरी 2027 में…
पूरा पढ़ें →पांच सितंबर की सुबह देश के हर स्कूल में एक जैसा दृश्य दोहराया जाता है, बच्चों के हाथों में फूल, गले में मालाएं, और मंच से…
पूरा पढ़ें →सोसाइटी के पार्क में सुबह-सुबह भारी हलचल थी। ढोल नहीं था, पर उसका शोर मौजूद था – माइक से बार-बार गूँजती आवाज़, “आज पर्यावरण दिवस के…
पूरा पढ़ें →दिल्ली के रोहिणी इलाके में, जहाँ ट्रैफिक की आवाज़ें आसमान से टकराकर वापस लौटती हैं, एक अस्पताल की सातवीं मंजिल पर एक कमरा था , कमरे…
पूरा पढ़ें →आठ सितंबर आता है और गुज़र जाता है, ठीक वैसे ही जैसे साल के तीन सौ चौंसठ और दिन गुज़रते हैं। बहुत कम लोगों को याद…
पूरा पढ़ें →एक वैश्विक दर्शन : जब दुनिया के महान मन अंधेरे में उतरे एक रात काफका ने अपनी डायरी में लिखा, “मेरे भीतर एक विशाल संसार है।…
पूरा पढ़ें →वो तमाम बातें रह रह कर याद आती हैं मुझे जिनसे दिल में दर्द उठता है गोता लगा निराशा के गहरे गर्त से मैंने उबारा था…
पूरा पढ़ें →रात के दस बज रहे हैं। घर में सब कुछ सामान्य दिख रहा है। टीवी पर कोई कार्यक्रम चल रहा है।…
पूरा पढ़ें →मध्यप्रदेश के एक छोटे-से कस्बे में—जहाँ शाम को अज़ान और मंदिर की घंटी एक साथ सुनाई देती है—वहाँ की एक गली में सुधीर और मालती का…
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