क्रोध का व्यापारी
उस सुबह मैं बस अड्डे पर खड़ा था। छोटे शहर का बस अड्डा था। वहीं जहाँ चाय की भाप,धूल,पसीना और […]
उस सुबह मैं बस अड्डे पर खड़ा था। छोटे शहर का बस अड्डा था। वहीं जहाँ चाय की भाप,धूल,पसीना और […]
मेरे भीतर कई कमरे हैं। हर कमरे में एक मुखौटा टंगा है। जिंदगी जब भी मेरे सामने कोई नई चुनौती
यह कथा हर उस लेखक, कलाकार, इंसान की है जो किसी दोस्त की सफलता पर ताली बजाते हुए भीतर से
सुबह 6 बजे।मैंने गैस जलाई।क्लिक हुई।आग नहीं लगी।उस क्षण—पहली बार मुझे‘गैस’दिखी।पहले वह सिर्फ़‘चाय बनाने का ज़रिया’थी।अब घटना एक रूटीन का
10 में से 1 व्यक्ति ऐसा होता है—जो जहाँ भी जाता है,वहाँ ज़हर घोल देता है।समस्या यह नहीं कि वे
“‘Follow your passion’—सबसे बड़ा झूठ है।Passion पेट नहीं भरता, और झूठा passion आपको तोड़ देता है।मैंने 5 साल बर्बाद किए।फिर
“Counterfeit Yes: जब लोग कहते हैं ‘हाँ, ज़रूर’ और फिर ग़ायब हो जाते हैं। यह बुराई नहीं — लोगों को
“अगर यह कहानी आपको चुभे…तो शायद यह आपके लिए है।” “शायद मैं ही गलत थी”—यह वाक्य सबसे ख़तरनाक है।क्योंकि यह
जिस रात मुझे वह मिला जो मैं चाहता था—उस रात मैं बहुत देर तक छत की सफ़ेद दीवार देखता रहा।कोई
“वह समंदर जो कभी नहीं आया” शाम ढल रही थी।छत पर रखी चाय ठंडी हो चुकी थी—लेकिन मैंने उसे पिया