कैंसर की दवा पर दस गुना मुनाफ़ा: इलाज या वसूली?
October 7, 2026 · 8 मिनटकिसी परिवार में जब पहली बार “कैंसर” शब्द बोला जाता है, तो उसी दिन से घर का हिसाब-किताब बदल जाता है। पहले रिपोर्टें आती हैं, फिर…
पूरा पढ़ें →दर्द, प्रेम, ख़ामोशी और मानव मन की परतों को छूती रचनाएँ — जहाँ रोशनी कम होती है, पर सच ज़्यादा।
किसी परिवार में जब पहली बार “कैंसर” शब्द बोला जाता है, तो उसी दिन से घर का हिसाब-किताब बदल जाता है। पहले रिपोर्टें आती हैं, फिर…
पूरा पढ़ें →किसी बैंक में डकैती हो जाए तो हम पहले ताले देखते हैं, फिर दीवारें, फिर पहरेदार। पर अगर पता चले कि तिजोरी किसी ने तोड़ी ही…
पूरा पढ़ें →विगत दिनों दिल्ली के भारत मंडपम में एक बड़ा तमाशा शुरू हुआ। नौवां “इंडिया इंटरनेशनल वॉटर वीक” खुला है, उपराष्ट्रपति ने इसका उद्घाटन किया , दुनिया…
पूरा पढ़ें →किसी से उसकी ज़मीन माँगने के दो तरीके होते हैं। पहला, उसके सामने बैठकर पूरी बात बताई जाए: क्या बनेगा, कितना जंगल कटेगा, उसका गाँव कहाँ…
पूरा पढ़ें →जब प्रश्न ही ब्रह्म था, और आज भी है जबलपुर में नर्मदा के किनारे एक छोटे-से कोचिंग सेंटर में, शाम की उस घड़ी जब सूरज घाटों…
पूरा पढ़ें →मान लीजिए, किसी मरीज़ को लू लग गई है और डॉक्टर उसे खांसी की दवाई दे रहा है। दवाई अच्छी है, असरदार भी है, पर सवाल…
पूरा पढ़ें →महाभारत का काल केवल युद्ध का काल नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के धर्म और अधर्म, कुलीनता और कर्मशीलता, नीति और कृपणता के संघर्ष का…
पूरा पढ़ें →सितंबर का महीना उत्तर भारत के लिए एक अदृश्य उलटी गिनती लेकर आता है। पंजाब और हरियाणा के खेतों में धान की बालियां अभी हरी हैं,…
पूरा पढ़ें →आरव ने उस आदमी को ब्लॉक कर दिया। वह उसे जानता भी नहीं था। केवल इसलिए कि उसने उसकी बात से असहमति जताई थी। कुछ क्षण…
पूरा पढ़ें →उस दिन शुक्रवार था, आटाचक्की के पाट टाँकने का दिन। केसर बाई ने चक्की का पत्थर उतरवाकर बरामदे में लिटा दिया था। टाँकी से उसकी घिसी…
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