रचनाएँ

नवीनतम आलेख, कहानियां और कवितायें

दर्द, प्रेम, ख़ामोशी और मानव मन की परतों को छूती रचनाएँ — जहाँ रोशनी कम होती है, पर सच ज़्यादा।

कैंसर की दवा पर दस गुना मुनाफ़ा: इलाज या वसूली?

किसी परिवार में जब पहली बार “कैंसर” शब्द बोला जाता है, तो उसी दिन से घर का हिसाब-किताब बदल जाता है। पहले रिपोर्टें आती हैं, फिर…

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तुम्हारे जाने के बाद

तुम चली गईं, तब भी कमरा कहां खाली  हुआ तुम्हारी ग़ैरहाज़िरी बैठी रही कुर्सी पर, और खिड़की के पास, तुम्हारी आवाज़ ठहरी रही। आज सुबह अधजागी…

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मतदाता सूची से मिटता नाम, आयोग के भीतर उठती आवाज़

दिल्ली की मतदाता सूची पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई हो गई। मामला 21 सितंबर को सूचीबद्ध था, बहस 22 को हुई, और फैसला अभी नहीं आया।…

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नोटशीट

          रजिस्टर संख्या 27/1984 को अलमारी के तीसरे खाने में रखा जाता था। यह बात दफ़्तर में किसी नियम-पुस्तिका में नहीं लिखी…

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हुनर का सूखा: भारत की सबसे बड़ी ताकत किसके हाथ से फिसल रही है?

आठ करोड़ सत्तर लाख। यह अकेला एक आंकड़ा है, पर इसके भीतर एक पूरी पीढ़ी की बेचैनी छिपी है। नीति आयोग की एक ताज़ा रिपोर्ट कहती…

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